गांधी जयंती पर स्वच्छता कर्मियों का हुआ सम्मान, संजय गांधी कॉलेज में चला विशेष स्वच्छता अभियान*

*गांधी जयंती पर स्वच्छता कर्मियों का हुआ सम्मान, संजय गांधी कॉलेज में चला विशेष स्वच्छता अभियान*

धर्मेन्द्र सिंह बघेल, पत्रकार
एमजे पत्रकारिता सीधी
9993496274
*सीधी* सेवा संकल्प अभियान 2026 एवं जिला कलेक्टर सीधी के निर्देश के परिपालन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आज *02 अक्टूबर 2026* को *प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शास. संजय गांधी स्मृति स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सीधी* में स्वच्छता, श्रम सम्मान एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे *स्वच्छता कर्मियों का प्राचार्य डॉ. प्रभाकर सिंह द्वारा शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।*
प्राचार्य डॉ. सिंह ने कहा कि *”स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या वर्ग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का सामूहिक दायित्व है। स्वच्छता कर्मी अपने निरंतर परिश्रम से महाविद्यालय को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ वातावरण प्रदान करते हैं, उनका सम्मान हम सबका कर्तव्य है।”*
गांधी जयंती पर परिसर को *प्लास्टिक मुक्त* बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। प्राध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वयं झाड़ू लगाकर एवं प्लास्टिक कचरा एकत्र कर उचित निस्तारण किया और स्वच्छता का संदेश दिया।
अपने संबोधन में प्राचार्य ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन हमें सादगी, सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी *डॉ. अनिल कुमार सिंह* ने कहा कि गांधीजी ने स्वच्छता को व्यक्तिगत आदत के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा। उनके विचार आज भी स्वच्छ, स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन को भी याद किया।
इस अवसर पर डॉ. अरुणा सिंह, डॉ. आई.पी. प्रजापति, डॉ. राममिलन कुम्हार, डॉ. भोला सिंह कुशराम, डॉ. गंगा देवी बैरागी सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने सेवा, स्वच्छता, श्रम सम्मान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।
