*सीधी-टिकरी डामरीकरण रोड — विकास नहीं, भ्रष्टाचार का हाईवे!*

*सीधी-टिकरी डामरीकरण रोड — विकास नहीं, भ्रष्टाचार का हाईवे!*
*सीधी।* सीधी जिले में इस समय अगर सबसे ज्यादा कोई मामला सुर्खियों में है तो वो है *सीधी-टिकरी डामरीकरण रोड।* जनता पूछ रही है — ये रोड है या भ्रष्टाचार का नमूना?
करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस सड़क की हालत देखकर लगता है जैसे कागजों में डामर बहाया गया हो और जमीन पर सिर्फ धूल। कहीं से डामर उखड़ गया, कहीं गिट्टी बाहर आ गई, तो कहीं पहली बारिश में ही रोड तालाब बन गई।
स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है — *PWD के कार्यपालन यंत्री (EE), SDO और साइट इंजीनियर सब मिले हुए हैं।* बिना मानक के काम, बिना गुणवत्ता जांच के भुगतान। एस्टीमेट में 40 MM की मोटाई और मौके पर 20 MM भी नहीं!
*तीखे सवाल PWD से —*
1. *कोर कटिंग रिपोर्ट कहां है?* अगर रोड सही बनी है तो टेस्ट रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं?
2. *लैब टेस्ट के बिना बिल कैसे पास?* किसके इशारे पर EE ने आंख मूंदकर भुगतान कर दिया?
3. *ठेकेदार कौन है, संरक्षक कौन?* क्या बड़े नेताओं के दबाव में घटिया काम को पास किया गया?
4. *जनता के टैक्स का पैसा क्या ऐसे ही लुटेगा?*
*धर्मेन्द्र सिंह बघेल, पत्रकार (MJ पत्रकारिता) सीधी, 9685862485* ने कहा कि इस पूरे मामले की *विधिवत, निष्पक्ष और तकनीकी जांच* होनी चाहिए। कलेक्टर सीधी और रीवा जोन के चीफ इंजीनियर को स्वयं मौके पर आकर सड़क की जांच करनी चाहिए।
अगर जांच में गड़बड़ी मिलती है तो सिर्फ ठेकेदार नहीं, *EE से लेकर SDO और इंजीनियर तक पर FIR और वसूली की कार्रवाई होनी चाहिए।*
सीधी की जनता अब खामोश नहीं रहेगी। *सड़क नहीं, जवाब चाहिए!*
सीधी जिले की लेबरों की जानकारी नहीं मुख्यालय में बहुत कम रहते हैं जो हम लोगों में चर्चा बनी हुई है कि पीडब्ल्यूडी लेबर एवं कर्मचारी ऑफिस पर नहीं रहते हैं क्या इनकी ऊपर भी अब जांच होगी या नहीं मामला सुर्खी में बनता जा रहा है! सीधी, चुरहट, रामपुर नैकिन, मझौली, मड़वास,सिहावल, बाहरी, कुसमी का मामला सुर्खियों में बना हुआ है
इनका कहना
Pwd e एसडीओ इंजीनियर से बात नहीं हुई सच्चाई क्या है क्या नहीं तो उनका भी पक्ष रखा जाता!
