सीधी में ‘स्पीड फाइनेंस’ की स्पीड से लूट: 25 लाख का झांसा, 5.94 लाख पार!

सीधी में ‘स्पीड फाइनेंस’ की स्पीड से लूट: 25 लाख का झांसा, 5.94 लाख पार!
सीधी में फाइनेंस के नाम पर ठगी का हाई-स्पीड मामला सामने आया है। नाम है स्पीड फाइनेंस, संचालक हैं आशीष गुप्ता – पता पुराना बस स्टैंड, परिहार होटल के सामने। आरोप है कि इन्होंने लोन दिलाने के नाम पर ऐसा स्पीड दिखाया कि किसान का पैसा ही स्पीड से गायब हो गया।

मामला उमरिया, थाना मझौली, तहसील कुसमी के शिवशरण सिंह पुत्र रामकुमार सिंह का है। इनका श्रीराम फाइनेंस कॉर्पोरेशन प्रा.लि. में 7 लाख का पुराना लोन था, खाता नंबर 25154107। जरूरत थी 25 लाख की। आशीष गुप्ता ने कहा – टेंशन क्यों लेते हो, यूनियन बैंक से 25 लाख स्वीकृत करा दूंगा, बस पहले श्रीराम वाला बंद करवाना पड़ेगा।
शिवशरण ने विश्वास कर फाइल दे दी। 31 जुलाई 2026 को यूनियन बैंक से 25 लाख का लोन स्वीकृत होने की बात कही गई। फिर पुराना लोन बंद कराने के नाम पर चेक नंबर 032993 लिया और 10 अगस्त 2026 को 5,94,000 रुपये सीधे अपने खाते में आहरित कर लिए।
इसके बाद तो खेल और रंगीन हो गया। 29 सितंबर 2026 को व्हाट्सएप नंबर 9424670258 से श्रीराम की फर्जी NOC भेज दी, बाद में ऑफिस में ओरिजिनल कॉपी भी थमा दी। फिर लोन सुरक्षा के नाम पर टाटा AIA की 2 लाख की LIC पॉलिसी C31203073 जबरन करा दी, जिसमें लोन सुरक्षा का जिक्र तक नहीं। ऊपर से मैनेजर के नाम पर कमीशन के तौर पर 2.50 लाख और काट लिए।
जबकि सितंबर 05-09-2026 और अक्टूबर 05-10-2026 की EMI आज भी श्रीराम के खाते से कट रही है। मझौली ब्रांच जाकर पूछा तो जवाब मिला – NOC पूरी तरह फर्जी है, अभी भी 4 लाख बकाया है, लोन बंद ही नहीं हुआ।
अब पीड़ित ने 7 अक्टूबर और 13 अक्टूबर को एसपी सीधी को आवेदन देकर FIR और हड़पी राशि वापस दिलाने की मांग की है।
सवाल ये है – जब EMI कट रही है तो NOC कैसी? जब लोन सुरक्षा का जिक्र ही नहीं तो 2 लाख की पॉलिसी कैसी? ये फाइनेंस है या फुल-टाइम फ्रॉड की फ्रेंचाइजी?
शिकायतकर्ता के द्वारा पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत करने के उपरांत कोतवाली थाना प्रभारी ने जानकारी देते हुए बताया है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
