चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर मनाया ”काला दिवस”’

0 56
AD Top-1 728×100

जयपुर, देश के चिकित्सालयों में चिकित्सकों के साथ हो रही हिंसात्मक घटनाओं की सख्ती से रोकथाम और विशेषतः कोलकता के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भीड़ द्वारा चिकित्सकों पर किए गए क्रूर और अमानवीय हमले के विरोध में सम्पूर्ण देश में आईएमए एवं आॅल इंडिया फैडरेशन आॅफ गवरमेंट डाॅक्ट्र्स एसोसिएशन के संयुक्त आह्वन पर गुरूवार को “काला दिवस” मनाने के निर्णय के तहत राजस्थान के सेवारत चिकित्सकों ने भी काली पट्टी बाधकर विरोध जताया।
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (अरिसदा) के प्रदेशाध्यक्ष डॉ अजय चैधरी ने बताया कि आईएमए व आॅल इंडिया फैडरेशन आॅफ गवरमेंट डाॅक्ट्र्स एसोसिएशन के देशव्यापी “काला दिवस” के आह्वान पर राज्य के सभी सेवारत चिकित्सकों ने गुरूवार को अपने कार्य स्थल पर काली पटटी बांधकर कार्य करते हुए काला दिवस मनाया और कोलकाता के मेडिकल काॅलेज में चिकित्सकों पर हुए अमानवीय हमले का विरोध किया। अरिसदा के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ चैधरी ने कहा कि संघ चिकित्सकों पर बार बार हो रही इस प्रकार की हिंसात्मक घटनाओं और अत्याचारों का पूरजोर विरोध करेगा। उन्होंने चिकित्सकों पर हुए हमले को कायरतापूर्ण घटना करार देते हुए कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि चिकित्सालयों में चिकित्सकों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में संज्ञान लेकर पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

डाॅ वीसी राय के बंगाल में चिकित्सकों पर हो रहा है अत्याचार

डाॅ चैधरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के पहले मुख्यमंत्री डाॅ वीसी राय जिनके जन्मदिन पूरे देशभर में डाॅक्ट्र्स दिवस मनाया जाता है, आज उनके ही राज्य में एक ऐसी महिला मुख्यमंत्री है, जो चिकित्सकों पर अत्याचार कर रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस प्रकार के लोग संवैधानिक व्यवस्था पर काबिज है, निश्चित रूप से पूरे देश के चिकित्सक इसकी निंदा करते हैं और प्रधानमंत्री से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते है।

गेट मीटिंग कर प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टरों को सौंपा ज्ञापन

प्रदेश के सेवारत चिकित्सकों ने चिकित्सालयों में प्रातः आठ बजे गेट मीटिंग कर गम्भीर रूप से घायल हुए साथी चिकित्सक के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना की। संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ लक्ष्मण सिंह ओला ने बताया कि ओपीडी समय के पश्चात प्रदेश के सभी चिकित्सकों ने चिकित्सा संस्थान में सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रधानमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें अस्पतालों में चिकित्सकों को सुरक्षा व शांतिपूर्ण माहौल उपलब्ध कराने की मांग की गई।

राजस्थान चिकित्सा परिचर्या अधिनियम को सख्त करें

प्रदेशाध्यक्ष डाॅ चैधरी ने बताया कि अस्पतालों में चिकित्सकों के साथ आए दिन हो रही ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए 2008 में राजस्थान चिकित्सा परिचर्या अधिनियम बनाया गया, लेकिन यह भी प्रभावी नहीं है। इसके तहत 3-4 साल की सजा, 50 हजार रूपये के जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन अपराध को कबिले जमानत की श्रेणी में रखा गया है। इस कारण आरोपी की पुलिस थाने में ही जमानत हो जाती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को दिए गए ज्ञापन में इस अधिनियम को सख्त और प्रभावी बनाने की मांग भी गई है, ताकि चिकित्सकों के साथ ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके

AD Top-1 728×100
AD Top-1 728×100