देश के 100 चयनित जिलों में 7वां स्थान प्राप्त करने पर सीधी की सराहना!

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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से सीधी बनेगा कृषि नवाचार और किसान समृद्धि का मॉडल

धर्मेंद्र सिंह बघेल पत्रकार
9993496274

किसानों की आय दोगुनी करने, महिला सशक्तिकरण और कृषि मूल्य संवर्धन पर विशेष फोकस

देश के 100 चयनित जिलों में 7वां स्थान प्राप्त करने पर सीधी की सराहना

सीधी 19 जूून 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध कृषि व्यवस्था की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सीधी जिला तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश के 100 चयनित जिलों में शामिल प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई) के अंतर्गत जिले में किए जा रहे नवाचारों, उपलब्धियों और भावी कार्ययोजना की समीक्षा हेतु नियुक्त नोडल अधिकारी आईएएस किरण गोपाल की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर विकास मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की।

बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन के माध्यम से कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तिकरण, मूल्य संवर्धन तथा ग्रामीण उद्यमिता से जुड़े विभिन्न आयामों की जानकारी दी गई। समीक्षा के दौरान यह तथ्य विशेष रूप से उभरकर सामने आया कि योजना के विभिन्न मापदंडों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सीधी जिले ने देश के 100 चयनित जिलों में सातवां स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर नोडल अधिकारी ने जिले के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे टीमवर्क और दूरदर्शी योजना का परिणाम बताया।

आईएएस किरण गोपाल ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना केवल एक शासकीय योजना नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग लक्ष्य आधारित एवं परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाएं। योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे, किसानों की आय में वृद्धि हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत बने, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गतिविधि का स्पष्ट रोडमैप और मापनीय परिणाम होना चाहिए।

कलेक्टर विकास मिश्रा ने जिले में कृषि विकास के लिए किए जा रहे नवाचारों और रणनीतिक प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीधी में कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। महिला किसानों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वे खेती, पशुपालन, प्रसंस्करण और विपणन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाई देने के लिए मिल्क रूट विकास योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे दुग्ध उत्पादकों को बेहतर संग्रहण, परिवहन और विपणन की सुविधा मिलेगी तथा उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि कृषि और पशुपालन के एकीकृत मॉडल से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने जिले के प्रगतिशील किसानों की पहचान कर उनके अनुभवों को व्यापक स्तर पर साझा करने के लिए किसान सम्मेलन आयोजित करने की भी जानकारी दी। साथ ही सीधी जिले को कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों एवं तकनीकी संस्थाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों, अनुसंधान आधारित समाधान और आधुनिक खेती की जानकारी सीधे प्राप्त हो सके।

कलेक्टर ने कहा कि अब केवल उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कटहल, महुआ एवं अन्य स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय संसाधनों को आर्थिक अवसरों में बदला जा सके। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।

बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा टिकाऊ कृषि मॉडल विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को कृषि आधारित सूक्ष्म उद्यमों से जोड़कर उन्हें ष्लखपति दीदीष् बनाने की दिशा में समन्वित प्रयासों पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत छह वर्षों में प्रतिवर्ष 24 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है। योजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, फसल विविधीकरण, सिंचाई एवं भंडारण क्षमता का विस्तार, कृषि ऋण सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों का समावेश करना है। इस महत्वाकांक्षी योजना से देशभर के लगभग 1.7 करोड़ किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।

बैठक में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित कृषि सुधारों एवं जिला प्रशासन के नवाचारपूर्ण प्रयासों के माध्यम से सीधी न केवल प्रदेश बल्कि देश में कृषि परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण और किसान समृद्धि का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा। योजना का अंतिम लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और कृषि को युवाओं के लिए आकर्षक एवं लाभकारी व्यवसाय बनाना है।

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