छात्र हित सर्वाेपरि, छात्रावासों में संसाधनों का उपयोग केवल विद्यार्थियों के लिए – कलेक्टर!जनकल्याण शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा संकल्प – विधायक रीती पाठक

छात्र हित सर्वाेपरि, छात्रावासों में संसाधनों का उपयोग केवल विद्यार्थियों के लिए – कलेक्टर

धर्मेंद्र सिंह बघेल पत्रकार
9993496274
जनजातीय छात्रावास बनेंगे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण और प्रतिस्पर्धी तैयारी के केंद्र
सीधी 18 जूून 2026
जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों एवं आश्रमों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ और छात्र-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर विकास मिश्रा ने छात्रावास अधीक्षकों की बैठक लेकर शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य, अधोसंरचना तथा वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रावासों के लिए उपलब्ध कराई जा रही राशि का उपयोग केवल विद्यार्थियों के हित और उनके सर्वांगीण विकास के लिए किया जाए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, सहायक आयुक्त जोधा सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं छात्रावासों के अधीक्षक उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि कन्या छात्रावासों एवं कन्या आश्रमों की व्यवस्थाओं में विशेष सुधार लाया जाए तथा बालक एवं कन्या आश्रमों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को निर्धारित डाइट प्लान के अनुसार पौष्टिक, संतुलित एवं गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही सभी छात्रावास परिसरों में पोषण वाटिका विकसित करने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों को ताजी एवं पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध हो सकें।
बैठक में कलेक्टर ने विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें, गणवेश एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग केवल छात्रावासों में ही किया जाए तथा उनके संरक्षण और पारदर्शी प्रबंधन को सुनिश्चित किया जाए। सभी छात्रावासों में पुस्तकालय व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं समृद्ध बनाने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में अध्ययन की संस्कृति विकसित करने के लिए पुस्तकालयों को उपयोगी और आकर्षक बनाया जाए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि छात्रावासों में आवश्यक खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुओं एवं अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद प्राथमिकता के आधार पर स्व-सहायता समूहों के माध्यम से की जाए। इससे स्थानीय महिला समूहों को रोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिलेगा, साथ ही गुणवत्तापूर्ण सामग्री की उपलब्धता और क्रय प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
बैठक में विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं सामाजिक हितों को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए गए कि जिन बच्चों के पिता का जाति प्रमाणपत्र उपलब्ध है, उनके जाति प्रमाणपत्र 30 जून तक अनिवार्य रूप से तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में केवल अनुमत एवं विद्यार्थियों के हित में होने वाली गतिविधियां ही संचालित की जाएं तथा अनुशासन और सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।
कलेक्टर ने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने हेतु उनका चिन्हांकन करने तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का स्वास्थ्य सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसलिए प्रत्येक छात्रावास में स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए।
छात्र हित में उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए एक समिति गठित किए जाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। यह समिति छात्रावासों में उपलब्ध धनराशि के बेहतर, पारदर्शी और विद्यार्थी-केंद्रित उपयोग की रूपरेखा तैयार करेगी ताकि प्रत्येक संसाधन का लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि छात्रावासों के व्यवस्थित संचालन, अनुशासन एवं व्यवस्थाओं की सतत निगरानी के लिए प्रत्येक छात्रावास में एक समिति का गठन किया जाए, जिसमें वहां निवासरत छात्र-छात्राओं को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सहभागिता से व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही इससे उनके भीतर नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, टीम भावना तथा जिम्मेदारी के भाव का विकास होगा। छात्रावासों को विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास का केंद्र बनाने के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
प्रतिभावान छात्राओं को नीट और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जाएगी
बैठक में कलेक्टर विकास मिश्रा ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा करते हुए कहा कि छात्रावासों में अध्ययनरत प्रतिभावान छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष अवसर प्रदान किए जाएंगे। दिसंबर माह में आयोजित चयन परीक्षा के माध्यम से 100 छात्राओं का चयन किया जाएगा, जिनमें 50 छात्राओं को नीट तथा 50 छात्राओं को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की विशेष कोचिंग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि जनजातीय छात्रावास केवल आवासीय सुविधाओं तक सीमित न रहें, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सुरक्षा, व्यक्तित्व विकास और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित हों। उन्होंने अधीक्षकों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को अपना प्रमुख लक्ष्य बनाते हुए छात्रावासों में उत्कृष्ट शैक्षणिक, अनुशासित और प्रेरणादायी वातावरण सुनिश्चित करें, जिससे छात्र-छात्राएं शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।
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मध्याह्न भोजन को और पौष्टिक बनाने की दिशा में मझौली की अनूठी पहल

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने नवाचार का मंच बनी कुकिंग प्रतियोगिता
खंड स्तरीय कुकिंग प्रतियोगिता में स्व-सहायता समूहों ने प्रस्तुत किए पौष्टिक एवं नवाचारी व्यंजन
सीधी 18 जूून 2026
मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने तथा कुक-कम-हेल्परों में नवाचार, कौशल एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आईटीआई कॉलेज मझौली में खंड स्तरीय कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जनपद पंचायत मझौली एवं जनपद शिक्षा केंद्र मझौली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में स्व-सहायता समूहों की रसोइयों ने स्थानीय खाद्य सामग्री से तैयार स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य कृष्ण लाल प्यासी तथा अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आर.पी. त्रिपाठी ने की। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार मनोज तिवारी, अजीविका मिशन के प्रबंधक चंद्रकांत बघेल, एमडीएम शाखा प्रभारी राजेश्वर तिवारी, लेखाधिकारी संतोष कुमार निगम, बीआरसी अयोध्या प्रसाद पटेल, बीएसी कमलाकर सिंह, एमआरसी चंद्र प्रताप सिंह, सहायक विकासखंड प्रबंधक ग्रामीण आजीविका मिशन अरुण गौतम, एमआरसी कमला श्रीवास्तव, जन शिक्षक क्षत्रमणि पाण्डेय, मितमचंद डहरवाल तथा मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक मझौली के शाखा प्रबंधक निरंजन पासवान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि कृष्ण लाल प्यासी ने अपने संबोधन में कहा कि मध्याह्न भोजन योजना विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, पोषण एवं सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। उन्होंने स्व-सहायता समूहों एवं कुक-कम-हेल्परों की भूमिका की सराहना करते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषक खाद्य सामग्री के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वादिष्ट, संतुलित एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रतियोगिता में कुल 58 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों द्वारा चावल, दाल, विभिन्न प्रकार की हरी सब्जियां, पूड़ी, कढ़ी, खीर, अचार, सलाद, पापड़ सहित अनेक पौष्टिक एवं आकर्षक व्यंजन तैयार कर प्रस्तुत किए गए। व्यंजनों का मूल्यांकन स्वाद, पौष्टिकता, स्वच्छता, प्रस्तुतीकरण एवं लागत प्रभावशीलता के आधार पर किया गया।
प्रतियोगिता के निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक समिति में विकासखंड समन्वयक ए.पी. पटेल, महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक आरती मिश्रा, माध्यमिक शिक्षक गीता जैसवाल, एमआरसी कमला श्रीवास्तव तथा एसएमडीसी सदस्य पुष्पा नामदेव शामिल रहीं। समिति द्वारा सभी प्रतिभागियों के व्यंजनों का सूक्ष्म परीक्षण कर परिणाम घोषित किए गए।
प्रतियोगिता में आदर्श महिला स्व-सहायता समूह मुड़हेरिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पुष्पांजलि महिला स्व-सहायता समूह दियाढोल एवं विद्या महिला स्व-सहायता समूह मझौली संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहे। वहीं शारदा महिला स्व-सहायता समूह मड़वास, जय माँ शारदे महिला स्व-सहायता समूह तथा ललित महिला स्व-सहायता समूह सरैहा ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। अमित महिला स्व-सहायता समूह मड़वास, देवमणि महिला स्व-सहायता समूह लामीपाटी एवं इन्द्रकली स्व-सहायता समूह जमुना क्रमांक-1 को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान विजेता समूहों की रसोइयों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित रचनात्मकता, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी समझ की सराहना की।
खंड स्तरीय कुकिंग प्रतियोगिता ने न केवल मध्याह्न भोजन योजना में गुणवत्ता सुधार की दिशा में नई संभावनाओं को बल दिया, बल्कि स्थानीय खाद्य परंपराओं, मोटे अनाजों एवं पोषणयुक्त व्यंजनों को बढ़ावा देने का प्रभावी मंच भी प्रदान किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालयों में पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
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तीन दिवसीय शिविर में 21 हजार से अधिक आवेदनों का समाधान
जनकल्याण शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा संकल्प – विधायक रीती पाठक
तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर का समापन, हितलाभ वितरण, स्वास्थ्य शिविर एवं जनसंवाद के माध्यम से नागरिक हुए लाभान्वित
सीधी 18 जूून 2026
प्रदेश सरकार की जनहितैषी एवं अंत्योदय आधारित कार्यशैली को धरातल पर उतारते हुए जनपद पंचायत सभागार में आयोजित तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर का समापन विधायक रीती पाठक की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। शिविर के दौरान प्राप्त 21191 आवेदनों में से 21174 आवेदनों का निराकरण एवं स्वीकृति सुनिश्चित की गई, जो जनकल्याण अभियान की प्रभावशीलता और प्रशासनिक संवेदनशीलता का प्रमाण है।
समापन अवसर पर विधायक रीती पाठक ने हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभ वितरित किए तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन कर लाभार्थियों से संवाद किया। उन्होंने शिविर में पहुंचे नागरिकों की समस्याएं, मांगें एवं सुझाव सुने और शेष लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
अपने संबोधन में विधायक रीती पाठक ने कहा कि जनकल्याण शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान कर नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि तीनों दिनों तक उनकी सहभागिता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी पात्र नागरिक को अपने अधिकारों के लिए भटकना न पड़े।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। जनकल्याण शिविर इसी सोच का परिणाम हैं, जहां शासन स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि 21191 आवेदनों में से 21174 आवेदनों का निराकरण यह दर्शाता है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है।
विधायक ने कहा कि जनसेवक के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। जनता की समस्याओं का समाधान सर्वाेच्च प्राथमिकता है और प्रशासन को संवेदनशीलता तथा जवाबदेही के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से भी अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
जनपद पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह परिहार ने कहा कि जनकल्याण शिविरों ने शासन और जनता के बीच की दूरी को कम किया है। पंचायत स्तर पर समस्याओं के निराकरण की व्यवस्था मजबूत होने से लोगों को त्वरित राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर आवेदनों का निराकरण होना प्रशासनिक दक्षता और जनप्रतिनिधियों की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राकेश शुक्ला ने बताया कि शिविर के दौरान प्राप्त आवेदनों का विभागवार परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया गया। उन्होंने कहा कि शेष प्रकरणों पर भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत चंदूलाल पनिका ने कहा कि जनकल्याण शिविरों में प्राप्त आवेदनों की सतत मॉनिटरिंग की गई, जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश प्रकरणों का त्वरित निराकरण संभव हो सका। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर भी निरंतर फॉलोअप किया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
शिविर के दौरान विधायक ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर जनजागरूकता एवं मैदानी स्तर पर संपर्क अभियान चलाए जाएं।
समापन अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा हितलाभ वितरण किया गया तथा स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श का लाभ प्राप्त किया। तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर ने शासन की जनकल्याणकारी सोच, प्रशासनिक तत्परता और जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर विश्वबंधुधर द्विवेदी, पुनीत नारायण शुक्ल, पंकज पाण्डेय, पुष्पराज सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, संबंधित अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।
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बच्चों का सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य की नींव है – विधायक रीती पाठक

पॉक्सो एक्ट एवं बाल संरक्षण विषय पर प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधायक और कलेक्टर ने किया संबोधित
सीधी 18 जूून 2026
बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन सीधी द्वारा संचालित ‘जागृति अभियान’ के अंतर्गत टाटा कॉलेज सीधी में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक रीती पाठक एवं कलेक्टर विकास मिश्रा ने प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए बाल संरक्षण, पॉक्सो अधिनियम तथा बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया।
विधायक रीती पाठक ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित बचपन ही उनके सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ कार्य करते समय अत्यधिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। माता-पिता को बच्चों से नियमित संवाद करना चाहिए तथा उनके विद्यालय, मित्रों और दैनिक गतिविधियों के बारे में आत्मीयता के साथ जानकारी लेते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण का कार्य एक पवित्र दायित्व है। प्रशिक्षण की वास्तविक सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब यहां प्राप्त जानकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और समुदाय के प्रत्येक बच्चे तक पहुंचे। विधायक ने कहा कि सभी विद्यालयों और छात्रावासों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों का नियमित चरित्र सत्यापन किया जाना चाहिए तथा निजी विद्यालयों में नियुक्त होने वाले कर्मचारियों के लिए भी स्पष्ट मानक निर्धारित किए जाने चाहिए।
श्रीमती पाठक ने कहा कि बाल सुरक्षा जनभागीदारी का विषय है। इसलिए विद्यालयों, छात्रावासों और समुदाय स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण का निर्माण किया जा सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि अनेक बच्चे और किशोर किसी न किसी रूप में उत्पीड़न का सामना करते हैं, लेकिन सामाजिक अथवा पारिवारिक कारणों से अपनी बात सामने नहीं रख पाते। ऐसे में शिक्षकों, अभिभावकों एवं समाज की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के साथ विश्वास का रिश्ता स्थापित करें, जिससे वे बिना किसी भय के अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
कलेक्टर ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल कानूनों की जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों तक सही तरीके से संदेश पहुंचाने की क्षमता विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को यह अवश्य बताया जाए कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न होता है तो वे तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक, चाइल्ड हेल्पलाइन, पुलिस हेल्पलाइन अथवा नजदीकी पुलिस थाने को इसकी जानकारी दें। साथ ही उन्हें मानसिक तनाव और अवसाद जैसी परिस्थितियों से बाहर निकलने के उपायों के बारे में भी जागरूक किया जाए।
उन्होंने बालकों के संस्कारों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि परिवार और विद्यालयों में बच्चों को महिलाओं के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और समानता के मूल्यों की शिक्षा दी जानी चाहिए। इससे भविष्य में एक सुरक्षित और जिम्मेदार समाज के निर्माण में मदद मिलेगी।
डिप्टी कलेक्टर प्रिया पाठक ने कहा कि जागृति अभियान की कार्ययोजना के अनुरूप जिले के अंतिम बच्चे तक पॉक्सो अधिनियम, बाल अधिकारों एवं उत्पीड़न से बचाव संबंधी जानकारी पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागी केवल जानकारी तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और समुदाय स्तर पर जागरूकता के प्रभावी माध्यम बनें। उन्होंने प्रशिक्षकों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को सरल, व्यवहारिक और प्रभावी तरीके से बच्चों तक पहुंचाएं, जिससे प्रत्येक बच्चा अपने अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सहायता तंत्र के प्रति जागरूक हो सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में यूनिसेफ भोपाल से आए रिसोर्स पर्सन अमरजीत सिंह एवं अंकित बाके ने पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल संरक्षण तंत्र तथा बच्चों को प्रशिक्षण देने की प्रभावी तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों को समूह गतिविधियों एवं व्यवहारिक अभ्यासों के माध्यम से विषय की गहन समझ विकसित कराई गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास प्रवेश मिश्रा ने जागृति अभियान की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि 22 से 25 जून तक मास्टर ट्रेनर्स द्वारा शिक्षकों एवं संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके पश्चात 1 जुलाई से 31 जुलाई तक जिले के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों में बच्चों को बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम और उत्पीड़न से बचाव संबंधी जागरूकता प्रदान करने हेतु विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शांत शिरोमणि प्यासी, समिति सदस्य सचीन्द्र मिश्रा, रंजना मिश्रा एवं सिद्धार्थ तिवारी, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य धर्मेन्द्र शुक्ला एवं निशा मिश्रा, अधिवक्ता पंकज पाण्डेय, टाटा कॉलेज के संचालक आर.बी. सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी पवन कुमार सिंह, डीपीसी विनय मिश्रा, परियोजना अधिकारी शिवानन्द शुक्ला, परिवीक्षा अधिकारी अनुराग पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
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प्री-मानसून मेंटेनेंस कार्य के लिए 19 जून को सिहावल सब स्टेशन में रहेगा शटडाउन
सीधी 18 जूून 2026
विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मानसून के दौरान अधिक सुरक्षित एवं निर्बाध बनाए रखने के उद्देश्य से 132 के.व्ही. सब स्टेशन सिहावल में प्री-मानसून मेंटेनेंस एवं टेस्टिंग कार्य किया जाएगा। इस कार्य के लिए 19 जून 2026, शुक्रवार को प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक शटडाउन प्रस्तावित किया गया है।
अधीक्षण अभियंता शिवेन्द्र सिंह बघेल, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, सीधी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यपालन यंत्री (परीक्षण), मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, सिंगरौली द्वारा 132/33 के.व्ही. 50 एम.व्ही.ए. पावर ट्रांसफार्मर पर आवश्यक प्री-मानसून मेंटेनेंस एवं तकनीकी परीक्षण कार्य किए जाने हेतु शटडाउन का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित शटडाउन अवधि के दौरान 33 के.व्ही. गेरूआ एवं 33 के.व्ही. बीछी फीडर की विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। वहीं 33 के.व्ही. अमिलिया फीडर की विद्युत आपूर्ति बैक फीडर के माध्यम से देवसर से जारी रखी जाएगी, जिससे संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को न्यूनतम असुविधा हो।
विद्युत विभाग ने बताया है कि मौसम एवं तकनीकी परिस्थितियों के अनुसार शटडाउन की अवधि में आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जा सकता है। विभाग ने संबंधित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि यह कार्य मानसून के दौरान बेहतर एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
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वर्षाकाल में जलमग्न पुलों एवं रपटों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़, कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित
सीधी 18 जूून 2026
वर्षाकाल के दौरान जलमग्न पुलों एवं रपटों पर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुचारू बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग उपसंभाग सीधी ने आदेश जारी कर पूर्व वर्षों की भांति जलमग्न स्थलों पर अस्थायी बैरियरों के संचालन एवं निगरानी के लिए कर्मचारियों एवं श्रमिकों की ड्यूटी 15 जून 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की है।
जारी आदेश के अनुसार चूल्ही-बढ़ौरा मार्ग स्थित जलमग्न रपटा पर सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक कृष्ण कुमार कुशवाहा एवं भागीरथी केवट, दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक रामसिया केवट एवं देवनाथ विश्वकर्मा तथा रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रामस्वरूप यादव एवं दिनेश यादव की ड्यूटी लगाई गई है।
इसी प्रकार सेमरिया-झगरहा मार्ग स्थित जलमग्न रपटा पर सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक रामरूप बैगा एवं संजीव सिंह, दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक शिवाकांत विश्वकर्मा एवं बाबूलाल यादव तथा रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रामनेवाज यादव एवं तामेश्वर प्रसाद तिवारी की ड्यूटी निर्धारित की गई है।
लोक निर्माण विभाग ने निर्देश दिए हैं कि वर्षाकाल के दौरान संबंधित कर्मचारी निर्धारित स्थलों पर उपस्थित रहकर जलस्तर एवं यातायात की स्थिति पर सतत निगरानी रखें तथा आवश्यकता
