नीरस बजट में शिवराज सिंह की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता का अभाव

नीरस बजट में शिवराज सिंह की दूर दृष्टि और संवेदनशीलता का अभाव- अजय सिंह राहुल
धर्मेंद्र सिंह बघेल के साथ कुबेर तोमर की रिपोर्टत —
युवाओं, कर्मचारियों और बुजुर्ग पेंशनरों को निराश किया
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राम वनगमन पथ के विकास को भुला दिया गया है
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सपने देखना ठगने में मदद कर रहे हैं मुख्यमंत्री
-अजयसिंह
सीधी 3 मार्च, 2021। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने कहा है कि मध्यप्रदेश के नीरस बजट में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता की कमी स्पष्ट दिख रही है। बजट से ज्यादा सरकार पर कर्ज का बोझ है | राम वनगमन के विकास का कोई उल्लेख नहीं है | सरकार बनने के बाद शिवराजसिंह राम को भूल गए | कर्मचारियों और विशेष रूप से चार लाख पेंशनरों के कोरोना काल में रोके गए डीए। के भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है | सभी पेंशनर्स वरिष्ठ नागरिक हैं और कुछ तो बहुत ही बुजुर्ग हैं | कम से कम उनके लिए तो शिवराजसिंह को दया भाव दिखाना था | उन्हें जुलाई, 19 से डी.ए. नहीं दिया जा रहा है | ढलती उम्र के चलते डी.ए. । सभी सहयोगी हैं |
अजयसिंह ने कहा कि अपने स्वभाव के अनुरूप शिवराजसिंह ने बेरोजगारों को फिर से हजारों रोजगार के सपने दिखाये हैं। बजट में कहा गया है कि यह शिक्षा और पुलिस विभाग में दी जाएगी व्यापम की शिक्षक परीक्षा में बेरोजगार युवकों और संविदा शिक्षकों को तो अभी तक नियुक्ति नहीं दी गई और शिक्षकों की नई भर्ती का ऐलान | यह घोषणाएँ विरोधाभासी हैं | नौकरी की बाट जोह रहे हज़ारों युवाओं की पथरायी नज़र के सपने बेचने का काम मुखयमंत्री कर रहे हैं |
अजयसिंह ने कहा कि कोरोना बेटियों को दस दस हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की ऊंची ऊंची घोषणाओं की गई थी लेकिन बजट में इसका कोई प्रावधान नहीं है। सस्ती और मुफ्त बिजली योजनाओं की तय 13 हजार करोड़ रुपये का भुगतान सरकार ने अभी तक नहीं किया है | इस कारण बिजली कंपनियों ने घाटे बताकर बिजली के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है | पेट्रोल, डीजल पर वेट नहीं बकाय गया है | पहले ही महंगाई से जूझ रही गरीब जनता हलाकान है | मध्यप्रदेश में मकान, जमीन की रजिस्ट्री शुल्क पूरे देश में सबसे ज्यादा है | यह भी नहीं भया गया है जिससे वास्तविक राज्य में घोर निराशा है | जनता को लुभाने के लिए 460 नई सड़कें, 65 पुल और 105 आर.ओ.बी. निर्माण के सपने तो दिखाये गए हैं लेकिन हरेक के लिए एक एक हजार रुपए का टोकन बजट रखा गया है | इसी तरह स्वरोजगार में साफ का बजट बहुत कम रखा गया है | केवल 112 करोड़ रुपये का प्रावधान ऊंट के मुंह में जीरा है | कांग्रेस सरकार की किसान कर्ज माफी योजना को बड़ी होशियारी के साथ हाशिये पर डाल दिया गया है | जबकि कमलनाथ की कांग्रेस सरकार ने आठ हजार करोड़ का प्रावधान किया था कुल मिलाकर बजट के बाद शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री की तरह नहीं बल्कि एक भविष्यवक्ता ज्योतिषी की तरह खड़े दिखाई दे रहे हैं।
उक्त जानकारी
पंकज सिंह
जिलाध्यक्ष

