साहब मेरे लड़के को चलने लायक तक नहीं छोड़ा

गरीब ब्राहमण महेन्द्र अवस्थी ने गाडरवारा शासकीय डाक्टर पर लगाया आरोप

गाडरवारा तहसील के ग्राम अमाडा(सालीचौका) के निवासी महेन्द्र अवस्थी के इकलौते बालक प्रसून अवस्थी उम्र 21 वर्ष का पैर का इलाज गाडरवारा के शासकीय अस्पताल में पदस्थ डाक्टर डी पी पंथी द्वारा किया गया था, जिसके पैर पर खेलते समय चोट लग जाने पर डाक्टर साहब द्वारा प्लास्टर लगाया गया था, पर कुछ दिन बाद ही उसके पैर में असहनीय दर्द उठने लगा, बालक की इस पीड़ा को देखते हुये पंडित महेन्द्र अवस्थी भोपाल एम्स लेकर आये, उसका पैर में काफी माबाद भर गया था और उसके ठीक से चलने पर भी अभी संशय बना हुआ है।

गरीब ब्राह्मण महेन्द्र अवस्थी अपने इकलौते बालक को भोपाल एम्स में दिखाया गया, जहाँ उसकी हालत को देखकर डाक्टर भी हैरान रह गये, उसके पैर की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी।
पंडित महेंद्र अवस्थी ने बताया कि यदि गाडरवारा डाक्टर पंथी जी सही इलाज करते तो मेरे बेटे की यह हालत नहीं होती।
भोपाल स्थित जब प्रसून अवस्थी की चचेरी बहन ने इस संबंध में गाडरवारा डाक्टर से बात की तो उन्होंने कहा कि यह बात डाक्टर ने स्वीकार की कि हाँ प्लास्टर मैंने चढ़ाया, और जब उनसे यह कहा कि आप शासकीय डाक्टर होकर प्राइवेट इलाज करते हैं तो, उन्होंने कहा कि वो तो सब करते हैं ।
एक बात स्पष्ट है कि डाक्टर, प्रसून अवस्थी के इलाज की बात कबूल कर रहे हैं और उन्हें बालक के पैर की हालत पर कोई अफसोस भी नहीं। जब इस संबंध में डाक्टर साहब से उनका पक्ष जानना चाहा तो, उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया ।
अभी प्रसून भोपाल एम्स में ही भर्ती है।
