संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह ने की जिले की विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा,विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) का जिला स्तरीय शुभारंभ संपन्न

संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह ने की जिले की विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा

समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें – संभागायुक्त
धर्मेन्द्र सिंह बघेल पत्रकार
9993496274
सीधी 02 जुलाई 2026
रीवा संभाग के संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह ने गुरुवार को सीधी जिले के प्रवास के दौरान जिला अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, विकास कार्यों तथा विभागीय उपलब्धियों का गहन परीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक विभाग की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों तथा शासन की मंशा के अनुरूप परिणाम धरातल पर दिखाई दें।
बैठक में कलेक्टर विकास मिश्रा, पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धनंजय मिश्रा, समस्त उपखंड अधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में संभागायुक्त ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए तथा विभागीय समन्वय के साथ कार्य करते हुए विकास कार्यों में गति लाए। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से योजनाओं की सतत समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
संभागायुक्त ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। लंबित कार्यों के लिए स्पष्ट तिथि निर्धारित कर उनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थानों पर पौधारोपण करने के निर्देश दिए जहां पौधों का संरक्षण प्रभावी ढंग से किया जा सके। साथ ही मियावाकी गार्डन तथा ष्एक बगिया मां के नामष् अभियान के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने कहा कि जिन हितग्राहियों को आवास निर्माण की राशि जारी हो चुकी है, उनके आवास शत-प्रतिशत पूर्ण कराए जाएं। जिन मामलों में राशि प्राप्त होने के बाद भी कार्य अधूरा है, वहां नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के कार्यों को शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए इनके शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित बंद पड़े शौचालयों का सत्यापन कर उन्हें पुनः उपयोग में लाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालयों तथा पेयजल टंकियों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। आंगनवाड़ी एवं स्कूलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों का उपयोग विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्राथमिकता से किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन, कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने, सिकल सेल एनीमिया की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग तथा आयुष्मान कार्ड से वंचित पात्र हितग्राहियों के कार्ड विशेष शिविर लगाकर बनाने के निर्देश दिए। जिन बच्चों की समग्र आईडी नहीं बनी है, उनके आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण-पत्र बनवाकर तत्काल समग्र आईडी तैयार कराने के निर्देश भी दिए।
राजस्व प्रकरणों एवं फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारे के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री एवं नक्शा-खसरा मिलान का कार्य प्राथमिकता के साथ शत-प्रतिशत पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया।
विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा पर बल
जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक को निर्देशित करते हुए संभागायुक्त ने कहा कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थियों को निरूशुल्क पाठ्यपुस्तकों एवं साइकिलों का वितरण 15 जुलाई तक पूर्ण किया जाए। वर्षा ऋतु में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए।
संभागायुक्त ने कृषि विभाग को किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने, ऊर्जा विभाग को प्रत्येक घर तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जिन अमृत सरोवरों में पर्याप्त जल उपलब्ध है वहां स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में अवैध नशीली सिरप एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
महान परियोजना के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उन्हें समय-सीमा में पूर्ण कराने तथा औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए व्यापारियों एवं उद्यमियों के साथ बैठक आयोजित कर उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के अंत में कलेक्टर विकास मिश्रा ने संभागायुक्त को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने, मैदानी स्तर पर सतत भ्रमण कर योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन करने तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन, राजस्व प्रकरणों तथा अन्य लोकहित से जुड़े मामलों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए जिले को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी बनाने का आह्वान किया।
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विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) का जिला स्तरीय शुभारंभ संपन्न
125 दिवस रोजगार, 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी तथा ग्राम पंचायत आधारित विकास मॉडल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा

धर्मेन्द्र सिंह बघेल पत्रकार
9993496274
सीधी 02 जुलाई 2026
‘‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’’ (VB-G RAM G) के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ के अवसर पर सीधी जिले का जिला स्तरीय कार्यक्रम स्थानीय मानस भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक सीधी रीती पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, जनपद पंचायत सीधी के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह परिहार तथा जनपद पंचायत कुसमी की अध्यक्ष श्यामवती सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के ग्राम मुक्कावरिपल्ली से केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ‘‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’’ के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा एवं सुना गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि विकसित भारतदृगारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 विकसित ग्राम पंचायत से विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ग्रामीण विकास को नई दिशा देने का कार्य कर रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा हितग्राहियों के खातों में भेजी जाने वाली राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत की मजबूत नींव विकसित ग्राम पंचायतों से ही रखी जाएगी। ग्राम सभाओं के माध्यम से पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की योजना तैयार होगी तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जाएगा। सांसद ने बताया कि अब ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जो पहले 100 दिवस था। कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए बुआई एवं कटाई के मौसम में वर्ष में 60 दिवस के कार्य-विराम का प्रावधान किया गया है। यदि 15 दिवस के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो राज्य सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह मिशन ग्रामीण आय में वृद्धि, जल संरक्षण, आधारभूत संरचना के विकास, जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलता तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनने के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।
विधायक सीधी रीती पाठक ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं विकासोन्मुख बनाता है तथा पंचायती राज संस्थाओं को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ष्सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासष् के मंत्र के साथ विकसित भारत का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरलता से पहुंचे, यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित ग्राम पंचायतों की अवधारणा को साकार करने के लिए ग्राम सभाओं में बैठकर विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। पंचायत स्तर पर ही स्थानीय समस्याओं का समाधान और विकास योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। सरकार बिजली, पानी, आवास, जल संरक्षण, युवाओं के लिए रोजगार, लाड़ली बहना योजना सहित जनकल्याण की अनेक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है।
विधायक ने बताया कि रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिवस तथा मजदूरी दर बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। रोजगार सृजन को चार प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ा गया है, जिनमें जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा संबंधी कार्य, नहर निर्माण, चेक डैम एवं तालाबों का पुनरुद्धार, वनीकरण, ग्रामीण सड़कें, ग्राम पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रामीण हाट, अनाज भंडारण, स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्कशेड, डेयरी अवसंरचना तथा प्राकृतिक आपदाओं एवं चरम मौसम की परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक कार्य शामिल हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह तथा जनपद पंचायत सीधी के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह परिहार एवं जनपद पंचायत कुसमी की अध्यक्ष श्यामवती सिंह ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) पंचायतों को विकास की नई शक्ति प्रदान करेगा। पंचायत स्तर पर ही विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय होने से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास को गति मिलेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से मिशन के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप शुक्ला, समाजसेवी इन्द्रशरण सिंह चौहान, पंकज पाण्डेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धनंजय मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीधी चंदूलाल पानिका सहित जनप्रतिनिधिगण, सरपंच, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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कलेक्टर ने स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज एवं मुद्रा ऋण के वार्षिक लक्ष्य निर्धारित किए
30 सितंबर तक 70 प्रतिशत एवं 30 दिसंबर तक 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
सीधी 02 जुलाई 2026
कलेक्टर विकास मिश्रा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में आयोजित जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज (कैश क्रेडिट लिमिट-सीसीएल) एवं व्यक्तिगत उद्यम ऋण (मुद्रा ऋण) के बैंकवार एवं शाखावार वार्षिक लक्ष्यों का निर्धारण किया गया।
बैठक में बैंक लिंकेज (सीसीएल) के तहत कुल 6060 स्व-सहायता समूहों को 133 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसमें मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक को 3839 समूहों के लिए 87.18 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 1220 समूहों के लिए 27.05 करोड़ रुपये, इंडियन बैंक को 404 समूहों के लिए 6.65 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक को 283 समूहों के लिए 6.05 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 197 समूहों के लिए 3.99 करोड़ रुपये तथा भारतीय स्टेट बैंक को 117 समूहों के लिए 2.08 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया।
इसी प्रकार व्यक्तिगत उद्यम ऋण (मुद्रा ऋण) के अंतर्गत 1000 हितग्राहियों को 10 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसमें मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक को 650 हितग्राहियों, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 211, पंजाब नेशनल बैंक को 48, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 36, भारतीय स्टेट बैंक को 31 तथा इंडियन बैंक को 24 हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य सौंपा गया।
बैठक में कलेक्टर विकास मिश्रा ने सभी बैंकर्स एवं मिशन अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज (सीसीएल) वितरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए 30 सितंबर 2026 तक वार्षिक लक्ष्य का 70 प्रतिशत तथा 30 दिसंबर 2026 तक 100 प्रतिशत लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित बैंक अथवा मिशन टीम, जो भी उत्तरदायी होगी, उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि स्व-सहायता समूहों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
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प्रत्येक माह तीन स्तरों पर होगी विद्युत उपभोक्ताओं की जनसुनवाई
उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश
सीधी 02 जुलाई 2026
अधीक्षण अभियंता (संचालन एवं संधारण), मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने जानकारी दी है कि मुख्य महाप्रबंधक, जबलपुर के निर्देशानुसार विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए वृत्त, संभाग एवं वितरण केंद्र स्तर पर प्रत्येक माह नियमित जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को वितरण केंद्र स्तर पर, द्वितीय मंगलवार को संभागीय कार्यालय स्तर पर तथा तृतीय मंगलवार को वृत्त कार्यालय स्तर पर जनसुनवाई आयोजित होगी।
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी शिकायतों का तत्काल पंजीयन किया जाएगा तथा उनका समयबद्ध निराकरण एवं आवश्यक अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विद्युत वितरण कंपनी ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे विद्युत आपूर्ति, बिलिंग, मीटर, नए कनेक्शन अथवा अन्य विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए निर्धारित तिथि पर संबंधित कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इससे उनकी समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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मिशन कर्मयोगी के तहत 31 दिसंबर तक आयोजित होंगे ‘कर्मयोगी कर्तव्य’ प्रशिक्षण कार्यक्रम
आईगोट पोर्टल पर सभी लोकसेवकों का पंजीयन अनिवार्य, विभागाध्यक्षों को एक सप्ताह में जानकारी भेजने के निर्देश
सीधी 02 जुलाई 2026
कलेक्टर विकास मिश्रा ने जिले के समस्त विभागों एवं कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि लोकसेवकों में लोक-केंद्रित प्रशासन एवं सेवा भाव की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आईगोट (iGOT) पोर्टल पर संचालित ‘कर्मयोगी कर्तव्य’ कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत डिजिटल लर्निंग एवं व्यवहारगत प्रशिक्षण कार्यशालाओं के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यशाला की अवधि लगभग 4 घंटे 30 मिनट होगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल सभी प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं का आईगोट पोर्टल पर पंजीकृत एवं सक्रिय होना अनिवार्य रहेगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले, तहसील एवं विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले सभी प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं का आयोजन 31 दिसंबर 2026 से पूर्व पूर्ण कर लिया जाए।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने सभी विभागाध्यक्षों एवं कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया है कि आईगोट पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की कार्ययोजना तैयार करने के लिए अपने कार्यालय के समस्त क्लास-1, क्लास-2, क्लास-3 एवं संविदा लोकसेवकों की जानकारी निर्धारित प्रपत्र में एक्सेल एवं हार्ड कॉपी के रूप में तैयार कर एक सप्ताह के भीतर एनआईसी सीधी को ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि समय-सीमा में जानकारी उपलब्ध कराने से प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा मिशन कर्मयोगी के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति होगी।
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