मोदी सरकार ने प्याज की सभी किस्मों के निर्यात लगाई तत्काल रोक

नई दिल्ही, 29 सितंबर। प्याज की आसमान छूती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने इसके निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने रविवार को प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया। यह विकास भारत भर में आसमान छूती बुनियादी रसोई की कीमतों के दिनों के बाद आता है। एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया है, प्याज की निर्यात नीति अगले आदेश तक निषिद्ध करने के लिए नि: शुल्क संशोधित है। इसलिए, प्याज की सभी किस्मों का निर्यात तत्काल प्रभाव से निषिद्ध है। भारत सरकार के प्रधान प्रवक्ता, सितांशु कार ने भी ट्वीट कर कहा, केंद्र ने तत्काल प्रभाव से सभी किस्मों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। देशभर में प्याज की किल्लत के बाद इसकी कीमतों में भारी उछाल को देखते हुए इसके निर्यात पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। इससे पहले केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने कहा था कि केंद्र के पास पर्याप्त मात्रा में प्याज का स्टॉक है और वह इसे विभिन्न राज्यों में आपूर्ति करने जा रही है, जिससे कीमतें घटेंगी।
अगले कुछ दिनों में विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव भी होने है, जिसके कारण सरकार को इस बात की चिंता सता रही है कि अगर प्याज की कीमतें अनियंत्रित रहीं तो उसे चुनावों में इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है। इसलिए सरकार इसमें कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है और इसी को देखते हुए प्याज के निर्यात पर तत्काल रोक लगाई गई है। इतिहास गवाह है कि प्याज की आसमान छूती कीमतों ने कई बार सत्ता परिवर्तन में बड़ी भूमिका निभाई है।
इसी बीच, दिल्लीवालों को शनिवार से सस्ता प्याज मिलना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शनिवार को सचिवालय से मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दिल्ली में 70 मोबाइल वैन के साथ-साथ राशन की 400 दुकानों से 23.90 रुपये किलो के हिसाब से लोगों को प्याज दिया जा रहा है। अभी 70 छोटे टेंपो के जरिए सभी विधानसभाओं में प्याज बेचा जा रहा है और बड़े टेंपों के जरिए प्याज बेचे जाने के लिए टेंडर भी किया है। 4 अक्टूबर को टेंडर ओपन होगा। सचिवालय से विधायक वैन को लेकर अपनी-अपनी विधानसभा में पहुंचे और सस्ते दरों पर प्याज बेचा गया।
