सड़क बनीं नही और पैसे निकल गये, पूर्व पंचायत सचिव के कार्यकाल का मामला

*धार्मिक नगरी बरमान में भ्रष्टाचार*

शासन विकास के लिए बड़ी बड़ी योजनाएं बनाती हैं करोड़ों अरबों रुपए निर्माण कार्य में खर्च किये जाते हैं पर आपको यह मालूम है क्या शासन की योजनायें और विकास कार्यो के लिए आये करोड़ों अरबों रुपए का उपयोग सही जगह हो रहा है या नही । ज्यादातर लोग या यूं कहें भारत में 95% प्रतिशत जनता सरकार की किसी योजना व विकास कार्यों में खर्च की गई राशि की वास्तविकता जानने की कोशिश ही नहीं करती लेकिन बरमान कला पंचायत में कुछ जागरूक नागरिकों द्वारा लगातार अपनी कालोनी अंतर्गत रोड बनाने आवाज उठाई जा रही है जब मीडिया ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि रोड का कुछ पैसा पहले ही निकल चुका है लेकिन लगभग 2 साल होने को है रोड 1 इंच भी नहीं बनी है जब इस बारे में सचिव बरमान अरूण शर्मा से पूछा गया तो उनका कहना है कि 2016 में जनपद के मद से रोड स्वीकृत हुई थी कितना पैसा निकला है कितना नहीं, देखना पड़ेगा।
जब इस विषय में जनपद सदस्य चंद्र मोहन साहू से बात की तो उनका कहना है कि मेरी स्वयं की बनाई हुई सड़कों की मजदूरी अभी बाकी है आप लोग दिलवा सको तो दिलवा दो
जब जनपद सदस्य चंद्रमोहनसाहू से पूछा गया कि वेंडर पुरुषोत्तम पटेल ने आपको कुछ पैसे दिए थे वह किस काम के लिए थे तो उनका कहना था यह पुरानी रोडो की मजदूरी का पैसा रुका था जनपद सदस्य कहना कि रोड बननी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 2 साल से हम लोग रोड नहीं होने के कारण बहुत परेशान है बारिश के मौसम में रोड में भारी कीचड़ हो जाता है और ग्रामवासी कई बार फसल के घर जाते हैं
इस बारे में पूर्व सचिव विनय श्रीवास्तव से जब उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
अब यह मामला जिला पंचायत सीईओ साहब तक पहुंच गया है अब देखना है कि रोड कब तक बन पाती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई हो पाती है ।
