आंगनबाड़ी यूनियन एटक द्वारा रैली निकाल कर ज्ञापन सौंपा गया  सीधी।

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आंगनबाड़ी यूनियन एटक द्वारा रैली निकाल कर ज्ञापन सौंपा गया  सीधी

धर्मेंद्र सिंह बघेल
ग्यारह सूत्रीय मांग को लेकर आंगनबाड़ी यूनियन एटक द्वारा मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर श्रेयस गोखले के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि केंद्र सरकार द्वारा एक अक्टूबर 2018 के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 3000 रुपए से 4500 रुपए मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 2250 रुपये से 3500 रुपये एवं सहायिकाओं को 1500 से 2750 रुपये मानदेय में बढ़ोतरी की गई थी किन्तु मप्र सरकार द्वारा अतिरिक्त मानदेय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 1500 रुपये की कटौती करते हुए मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के मानदेय में कटौती कर दी गई जिसे तुरंत दिलाया जाय। मध्यप्रदेश न्यूनतम वेतन सलाहकार परिषद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतन अधिसूचित श्रेणी में सामिल किया गया किन्तु न्यूनतम वेतन का निर्धारण वर्षों से लम्बित है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018 में सेवा निवृत्त पर कार्यकर्ताओं को एक एक लाख रुपये एवं सहायिकाओं को पचहत्तर हजार रुपये देने की घोषणा की लेकिन भूल गयी, 45वें व 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कर्मचारी के रूप में मान्यता दी जाय एवं इक्कीस हजार रुपये प्रतिमाह के रूप में मान्यता दी जाय, आरसीएस में किसी भी तरह से निजी करण पर रोक लगाई जाय एवं अन्य विंदुओ को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने के पूर्व एक रैली निकाली गई जो कलेक्ट्रेट चौक से लेकर अस्पताल चौक तक जाकर वापस आकर ज्ञापन सौंपा गया। उक्त कार्यक्रम में रानी द्विवेदी जिला संयोजक, कुशुम सिंह, सुनीता सिंह पनवार, सुनीता सिंह खमहौनिया, सावित्री तिवारी जयोतसन सिंह, मधू जयसवाल, आशा दीवान, डाली सिंह, मुन्नी द्विवेदी, मिथिलेश, उमा माला, प्रियंका, अन्नू सिंह, अनीता सिंह पडरी मनोरंजन, रेखा गुप्ता, शुषमा कुशवाहा, शुषमा तिवारी, सुनीता जयसवाल, देववती साकेत प्रमुख रूप से उपस्थित थीं एवं तीन सौ कार्य कर्ताओं, सहायिकाओं ने भाग लेकर कार्यकर्ताओं कार्यक्रम को सम्पन्न कराया।
सीधी से कुबेर तोमर की रिपोर्ट
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