सुनिये मुख्यमंत्री कमलनाथ गरीबों की सुनो, अन्यथा —

बड़ा रूप ले सकता है गरीबों का यह आँदोलन।

बात हम यदि आम नागरिकों की करें तो, मौजूदा हालात में वो कांग्रेस सरकार से नाखुश हैं ।
किसान तो नाखुश हैं ही, अब गरीब तबके के लोग जो फुटपाथ पर अपनी रोज़ी रोटी किसी तरह चला रहे हैं वो लोग भी अब आंदोलन की राह पर आ गये हैं।
आखिर क्या वजह थी जो गरीब तबके के लोगों को धरने पर बैठना पड़ा ।
बताया जाता है कि भाजपा शासनकाल में इन्हें अपनी रोज़ी रोटी चलाने में कोई दिक्कत नहीं आ रही थी पर कांग्रेस सरकार के आते ही इनकी, रोज़ी रोटी पर खतरा मंडराने लगा है ।
लगभग 50 से ज्यादा परिवारों के सामने जीवीकापार्जन की समस्या खडी हो रही है।
असल में जनपद मैदान के आसपास इनकी दुकानें जमी है जिन्हें अब हटाने की तैयारी चल रही है क्योंकि जनपद मैदान अंतर्गत शापिंग काम्पलैक्स बनाने की तैयारी हो रही है जहाँ पूंजीपतियों को दुकाने आवंटित की जायेगी।
गरीब तबके के लोगों को नहीं, और गरीबों की लगभग 15 -20 सालों से जमी दुकानें प्रशासन हटाने की तैयारी कर रहा है ।
जिस कारण जनपद मैदान में लगातार 10 दिनों से फुटपाथ पर दुकानें लगाने वाले गरीबों का अनिश्चित कालीन धरना चल रहा है, पर अभी तक किसी भी नेता व अधिकारी ने आकर इनकी समस्या का निराकरण नहीं कराया है, यदि जल्द गरीबों के हक में फैसला नहीं सुनाया जाता है तो, यह आंदोलन उग्र रूप ले सकता है ।
