अभिजीत, एस्थन और माइकल को मिला अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार

ओस्लो, 14 अक्टूबर। भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी एस्थन डफलो को अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा माइकल क्रेमर को भी सम्मानित किया गया है। तीनों अर्थशास्त्रियों को ‘वैश्विक गरीबी खत्म करने के प्रयोग’ के उनके शोध के लिए सम्मानित किया गया है। इकनॉमिक साइंसेज कैटिगरी के तहत यह सम्मान पाने वाले अभिजीत बनर्जी भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं।
फिलहाल वह मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी में इकनॉमिक्स के प्रफेसर हैं। वह और उनकी पत्नी डफलो अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी ऐक्शन लैब के को-फाउंडर हैं। बनर्जी ने 1981 में कोलकाता यूनिवर्सिटी से बीएससी किया था, जबकि 1983 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से एमए किया था। इसके बाद उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से 1988 में पीएचडी की थी। नोबेल कमिटी ने अपने बयान में कहा है कि उनकी रिसर्च से वैश्विक गरीबी से निपटने में अहम मदद मिली है। बीते दो दशकों में उनकी प्रयोग आधारिक अप्रोच से डिवेलपमेंट इकनॉमिक्स में बड़ा बदलाव आया है। इससे रिसर्च के फील्ड में नई प्रगति आई है।
