अधिकारियों की मनमानी के चलते, आंगनबाड़ी केंद्र बन रहे लापरवाही का केंद्र

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जबलपुर, 30 अगस्त ।  शहरी क्रमांक 6 रांझी के सुदर्शन वार्ड से संचालित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 70 में इन दिनों सबसे अधिक लापरवाही हो रही है। आंगनबाड़ी केंद्र में हो रही लापरवाही की खबर मिलने पर संवाददाता निशा डेविड जब आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं तो उक्त संचालित केंद्र के कमरों में पानी भरा हुआ पाया गया । बच्चों के लिए रखी पोषण आहार सामग्री पानी में डूबी हुई थी । कमरों में पानी भरा वह भी सड़ांध मारता हुआ, भला ऐसी अव्यवस्थाओं के बीच क्षेत्रवासी अपने बच्चों को इन केंद्रों में क्यों भेजेंगे।
शहरी क्रमांक 6 के अंतर्गत अनेक आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत बद से बदतर है। एक तो सुपरवाइजर द्वारा सर्वे कार्य समय पर नहीं होता, वहीं नव निहालों के जीवन से हो रहे खिलवाड़ से केंद्र क्रमांक 70 की अधिकारी श्रद्धा चौकसे को कोई मतलब नहीं। आलम यह है कि लापरवाही पर किसी भी सवाल का जवाब देने से उन्हें परहेज है। फोन पर भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे ही अधिकारियों ने शासन की योजनाओं का मजाक बना रखा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों का समय पर ना खुलना, जर्जर भवनों में केंद्र संचालित होना, वर्षों पुराने बोर्ड जिनमें नाम भी बमुश्किल दिखाई पड़ता है। आखिरकार शासन की ओर से भरपूर मात्रा में मेंटेनेंस के नाम पर राशि मुहैया कराए जाने के बाद भी सुधार कार्य क्यों नहीं होते। जिम्मेदार अधिकारी विकास के नाम पर कागजी खानापूर्ति कर मंत्रालय को रिपोर्ट भेज देते हैं। अधिकारियों द्वारा कागजों में विकास दर्शाया जाता है और जो तस्वीर असलियत दर्शाती है उससे मुंह फेर लेते हैं। ऐसे हालात हमारे परियोजना अधिकारियों का कुर्सी प्रेम उजागर करते हैं कि ऑफिस की कुर्सी छोड़ सर्वे करने से इन्हें पूर्णता: परहेज है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में हो रही अनियमितताओं पर जब महिला बाल विकास केंद्र प्रभारी, मनोहर लाल मेहरा से बात की तो वे किसी भी सवाल का जवाब देने से बचते नजर आए, वहीं उक्त केंद्र की परियोजना अधिकारी श्रद्धा चौकसे को फोन रिसीव करना भी मंजूर नहीं।
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