मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने भविष्य के लिए नई दिशा देने वाला पेस किया बजट, गिनाई बजट की खूबियां — राधा सिंह

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सर्किट हाउस पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलते- हुए मंत्री राधा सिंह

भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह, संजय सोनी शंकर सोनी जागरण सोनी मनिला सिंह विभा शर्मा गुलदस्ता देते हुए


मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने भविष्य के लिए नई दिशा देने वाला पेस किया बजट, गिनाई बजट की खूबियां — राधा सिंह

भारत की इकोनॉमी आने वाले समय में दुनिया में होगी सबसे बेहतर — देव कुमार

प्रधानमंत्री जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में ऐतिहासिक प्रावधान किए — रीती
केंद्रीय बजट को लेकर भाजपा ने आयोजित की पत्रकार वार्ता
सीधी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जो बजट पेश किया है, वह न केवल आने वाले भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, बल्कि यह नई दिशा में देश को अग्रसर करेगा। प्रधानमंत्री मोदी जी ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है और इस बजट में ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं, जिनसे महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त होंगी।
उक्त आशय के विचार भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान की अध्यक्षता और सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित केंद्रीय बजट को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश सरकार की पंचायत एवं ग्रामीण राज्य विकास मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी डॉक्टर अनिल पटेल, जिला उपाध्यक्ष और बजट टोली के जिला संयोजक विश्व बंधु धर द्विवेदी, अशोक पटेल, मनीला सिंह चौहान, जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि दुबे की विशिष्ट उपस्थिति में कही । मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने कहा कि 2014 के बाद देश में टैक्स देने की मानसिकता का एक बड़ा बदलाव आया है और आज लोग टैक्स बचाने के बजाय, इसे ईमानदारी से चुकता करना चाहते हैं, यह मोदी सरकार का एक महत्वपूर्ण योगदान है।

टैक्स कलेक्शन से नहीं निकलती थी सैलरी, मोदी सरकार ने की टैक्स नीति में बदलाव

पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2014 में देश की कमान संभाली, तब भारत 11वें नंबर की इकोनॉमी था। बेरोजगारी और इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में देश काफी पिछड़ा हुआ था। उस समय देश का टैक्स कलेक्शन इस स्थिति में था कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का खर्च भी पूरी तरह से नहीं निकल पाता था। 1980-1990 के दशक में इनकम टैक्स का स्लैब 60 प्रतिशत तक था, और इसके ऊपर 12 प्रतिशत सरचार्ज भी लगता था। इसके अतिरिक्त, कंपल्सरी डिपॉजिट स्कीम के तहत 4 प्रतिशत और पीपीएफ में 15 प्रतिशत राशि डालनी पड़ती थी। सरकारों का यह मानना था कि जितना अधिक टैक्स का स्लैब होगा, उतनी ज्यादा आमदनी होगी, लेकिन यह सोच गलत थी। सही दृष्टिकोण यह होना चाहिए था कि हम जितना कम टैक्स स्लैब बनाएंगे और जितनी अधिक सुविधाएं देंगे, उतना ही देश का विकास होगा। मोदी सरकार ने टैक्स स्लैब में सुधार किया, पेनल्टी और सजा को कम किया, जिससे टैक्सपेयर को सुविधा मिली और देश का राजस्व कलेक्शन भी बढ़ा। अब देशभर में टैक्स चुकाने का माहौल बन चुका है, और लोग टैक्स बचाने के बजाय ईमानदारी से टैक्स देने के लिए तत्पर हैं। अगर आजादी के बाद यह बदलाव समय रहते होता, तो हम आज अमेरिका और चीन से बहुत आगे होते।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने बजट की खूबियों को बताते हुए कहा कि अब हम 4 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी तक पहुंच गए हैं, जबकि अमेरिका और चीन 18 से 20 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी पर पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने धीरे-धीरे सभी क्षेत्रों में सुधार किए, जिसके कारण देश को भारी कर्ज़ से मुक्ति मिल रही है। आने वाले वर्षों में भारत की इकोनॉमी दुनिया में सबसे मजबूत और प्रभावी होगी, और इसका श्रेय मोदी सरकार की दूरदर्शिता और सुधारवादी नीतियों को जाता है।
अमेरिका और जापान में उनकी जीडीपी से अधिक कर्ज
मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने कहा कि अभी सरकार का कुल खर्च और दखल जीडीपी लगभग 56 प्रतिशत के आसपास है, इसे घटाकर 50 प्रतिशत के करीब लाने का सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका, जापान और अन्य विकसित देशों की इकोनॉमी में उनका कर्ज़ उनकी जीडीपी से कहीं अधिक है, लेकिन भारत इस कर्ज़ को नियंत्रित करने में सक्षम है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत अब ऐसी दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां आने वाले समय में भारत की इकोनॉमी दुनिया में सबसे मजबूत होगी। पहले बजट में हम सिर्फ यही चिंता करते थे कि साबुन महंगा हो गया या कपड़े सस्ते हो गए, लेकिन अब नया बजट दुनिया के नक्शे कदम पर आधारित है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि भारत दुनिया के देशों से कैसे मुकाबला करेगा। अमेरिका ने जब सभी देशों पर टैरिफ लगाया, तो चीन ने रेयर अर्थ की सप्लाई बंद कर दी और पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया। लेकिन भारत सरकार ने इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए पहली बार रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भारत हर क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन पर जोर देगा, ताकि चीन और अन्य देशों पर निर्भरता कम हो सके और भारतीय निर्यात में वृद्धि हो। सेमीकंडक्टर, जो इलेक्ट्रॉनिक वाहनों और कई अन्य उत्पादों में काम आता है, पहले चीन, अमेरिका या ताइवान जैसे देशों में बनता था, लेकिन अब सरकार ने इस उद्योग के लिए 40 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। उन्होंने कहा कि देश में 7 नए रेलवे कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं, जिनसे भारतीय उत्पादों की लागत में कमी आएगी। आने वाले समय में, अगर किसी उत्पाद की कीमत दुनिया में सबसे कम होगी, तो वह केवल भारत में ही होगी। क्योंकि हमारे उत्पाद अब मालगाड़ी के जरिए पहुंचेंगे, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चीन में उत्पादन की लागत सबसे कम है, क्योंकि वहां ट्रांसपोर्टेशन की लागत कम होती है। लेकिन भारत इस स्थिति को बदलने के लिए पूरी तरह से तैयार है और इसके लिए मोदी सरकार ने जो योजनाएं बनाई हैं, वे भारत को विश्व बाजार में सबसे प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।
बौद्ध सर्किट से बढ़ेगा भारत में पर्यटन

मंत्री श्रीमती सिंह ने कहा कि भारत के पर्यटन क्षेत्र में बौद्ध सर्किट के निर्माण से बड़ा बदलाव आने वाला है, जो न केवल आंतरिक बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। भारत का रक्षा बजट इस साल 15 प्रतिशत बढ़ा है। यह हमारी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक अहम कदम है। दुनिया के कई देश पर्यटन के कारण आर्थिक रूप से प्रगति कर चुके हैं और अब भारत इस दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रहा है। जापान, बर्मा और अन्य बौद्ध देशों के लोग भारत आना चाहते थे, लेकिन बौद्ध सर्किट के अभाव में उन्हें सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं। अब सरकार ने बौद्ध सर्किट बनाने का निर्णय लिया है, जिससे इन देशों से पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। इस पहल से भारत को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन में नया मुकाम मिलेगा। अगर पहले की सरकारों ने इस दिशा में ध्यान दिया होता तो आज हमारा देश आर्थिक और पर्यटन के मामले में कहीं आगे होता। आने वाले वर्षों में भारत दुनिया में सबसे आगे होगा। भारत में स्वास्थ्य सेवाएं न केवल उत्कृष्ट हैं, बल्कि सस्ती भी हैं। सरकार अब हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है। इससे भारत मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेगा और अधिक पर्यटक इलाज के लिए भारत आएंगे। सरकार ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। बजट में महिला हॉस्टल, कौशल विकास कार्यक्रम और स्व- सहायता समूहों के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए गए हैं। इन योजनाओं से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल मिशन के माध्यम से भारतीय खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल को साबित करने का अवसर मिलेगा, इससे भारत में खेलों को एक नया मुकाम मिलेगा और हमारी युवा पीढ़ी को इससे लाभ होगा।

भारत की इकोनॉमी आने वाले समय में दुनिया में होगी सबसे बेहतर — देव कुमार
पत्रकार वार्ता में आए हुए सभी मीडिया भाइयों का अभिनंदन करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने कहा कि भारत की इकोनॉमी आने वाले समय में दुनिया में सबसे मजबूत और सबसे बेहतर होगी। यह बजट उस संकल्प को दर्शाता है, जिसमें न केवल महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित किया गया है, बल्कि समग्र रूप से देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए कई दूरगामी कदम उठाए गए हैं। जल्द ही भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।

प्रधानमंत्री जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में ऐतिहासिक प्रावधान किए — रीती
पूर्व सांसद और सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने बजट की शानदार तारीफ करते हुए कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047 विकसित भारत के संकल्प को दर्शाता है। बजट में विधायक श्रीमती रीती पाठक ने विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट करार दिया।


पत्रकार वार्ता का संचालन और आभार प्रदर्शन भाजपा जिला मीडिया प्रभारी और बजट टोली के सहसंयोजक सुरेंद्र मणि दुबे ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से महिला मोर्चा अध्यक्ष पूनम सोनी, महिला मोर्चा महामंत्री विभा शर्मा सहित प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और वेब मीडिया के सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

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