किसान को मरने मे उतरे चुरहट एस ड़ी एम राजेश मेहता किसान के जमीन को लेकर नहीं दिये मुआवजा ?

सीधी ( धर्मेन्द्र सिंह बाघेल पत्रकार) | किसानों के दम पर बनी मध्यप्रदेश की सरकार अब मुआवजा मांगने पर किसानों के साथ मारपीट कराने में उतारू हो चुकी है,ऐसा ही एक मामला आज जिला कलेक्टोरेट में देखने को मिला जहाँ एक वृद्ध किसान ने एसडीएम पर मुआवजा मांगने मारपीट करने का आरोप लगाया है,जहाँ प्रभारी मंत्री ने जांच करने का आदेश जिला कलेक्टर को दिए है।
सीधी जिले में महान बांध परियोजना और वाण सागर नहर परियोजना के तहत गांव गांव में नहर पहुँचाने का काम चल रहा है,जहाँ मुआवजा के लिए जिले का किसान सालो से भटक रहे है लेकिन उन्हें मुआवजा नही मिल रहा है,ऐसे ही एक वृद्ध किसान छोटे लाल पटेल चुरहट के उत्तरिहा गांव से मुआवजा के लिए भटक रहे है,और दफ़्तरों के चक्कर काट रहे है,आज उनसे हमारी मुलाकात हुई तो अपनी दुख भरी दास्तान सुनाने लगे, किसान छोटे लाल का कहना है कि वह 4 साल से भटक रहा है,उसकी जमीन पर नहर बना दी गयी है उसके मुआवजा के लिए दर दर की ठोकर खानी पड़ रही है,,हमारी आधा एकड़ जमीन का मुआवजा आज तक नही मिला,मांगने जाते है तो हम वृद्ध को भगा दिया जाता है,कल ऐसे ही हम चुरहट तहसील कार्यालय गए तो हमे SDM ने लात घूसों से मारा औऱ गाली देकर भगा दिया,आखिर हमारा कुसूर क्या था बस इतना कि हम अपनी जमीन का मुआवजा मांग रहे थे।
फिर भी हम हिम्मत नही हारेंगे,आज फिर अधिकारियों के पास आये हुए है,लेकिन मुआवजा के लिए फ़ाइल किसी दूसरे अधिकारी के पास रखी है, इस तरह कह कर फाइलो में चार साल से उलझा दिया गया है,ऐसे यह एक किसान नही बल्कि जिले में सैकड़ो किसान मुआवजा के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे है,एक दूसरे किसान का कहना है हमारा घर डेयरी फर्म संचालित होता था,उसे उजाड़ कर नहर बना दी गयी लेकिन दो साल से मुआवजा के लिए भटक रहे है।
वही जब इस मामले में आज सीधी दौरे पर आए जिले के प्रभारी मंत्री प्रदीप जैसवाल से हमने सवाल किया कि किसानों को मुआवजा के लिए भटकना पड़ रहा है,मार खानी पड़ रही है तो मंत्री का कहना है कि यह गलत बात है किसान छोटे लाल जो कि वृद्ध है या कोई और किसान मारपीट करने का हक किसी को नही है,इस संबंध में हम जिला कलेक्टर से बात करेंगे और जल्द कोई ठोस कार्यवाही को अंजाम देगे।
खनिज मंत्री व सीधी जिला प्रभारी मंत्री मप्र शासन ने कहा –
बहरहाल चुरहट एसडीएम आर के मेहता की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी है, किसान अपना हक मांगने जाते है और कोई अधिकारी बदसलूकी से बात करे,या मारपीट करते है तो यह अपराध की श्रेणी में आता है,हालांकि वृद्ध किसान ने मामले की शिकायत अब तक पुलिस से नही की है,देखना होगा कि मंत्री के संज्ञान में आने के बाद ऐसे अधिकारियों पर क्या कार्यवाही होती है।
