हरिद्वार: गंगा में पानी छोड़ने के कारण बहे करोड़ों के निर्माणधीन घाट

हरिद्वार,30 अक्टूबर। उत्तराखंड की तीर्थनगरी हरिद्वार में 2021 में होने वाले महाकुंभ की तैयारियों को लेकर बनाए जा रहे गंगा के निर्माणधीन घाट पानी के बहाव में बह गए। इसके साथ ही उनकी नींव में दरारें भी आ गई। वहीं इस घटना के बाद से ही शासन-प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। महाकुंभ 2021 को लेकर मायापुर से ज्वालापुर तक गंगा के दोनों छोर पर लगभग आधा दर्जन घाटों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। दशहरे पर गंगा बंदी के बाद इनका निर्माण कार्य शुरू किया गया था लेकिन दिवाली की रात गंगा में अचानक पानी छोड़ दिए जाने के बाद इन घाटों के निर्माण कार्यों की पोल खुल गई। इतना ही नहीं कई घाटों की बेड़ियां बह गई और फर्श पर बड़ी-बड़ी दरारें भी पड़ गई।
इस मामले में उत्तराखंड सिंचाई विभाग और उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग एक दूसरे की इस मामले की गलती बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वही कुंभ मेला प्रशासन भी इस मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए है। सूत्रों के अनुसार, कुंभ 2021 के लिए मायापुर बैराज से लेकर सिंहद्वार के बीच लगभग 6 घाट बनाए जा रहे है।
मेला अधिकारी दीपक रावत ने दावा किया था की गंगा बंदी के दौरान उच्च गुणवत्ता वाले इन घाटों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बता दें कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से ही उत्तराखंड की नहरों के पानी का उत्तर प्रदेश स्वामित्व बना हुआ है। परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश के बीच काफी समय से नहरों का विवाद चल रहा है। इस बार भी उत्तराखंड सिंचाई विभाग के अनुरोध को ठुकराते हुए उत्तर प्रदेश ने अपनी मर्जी से बंद पड़ी गंगा में पानी छोड़ दिया, जिसके बाद अधूरे घाट पानी आने से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
