चाइनीज पटाखों में इस्तेमाल होने वाला बारूद घातक होने के कारण हुआ था बैन

जालंधर,30 अक्टूबर। बाबा मोहन दास नगर में हुए भीषण धमाके के बाद भी पुलिस यह पता नहीं लगा पाई है कि किस पटाखा व्यापारी ने 50 बोरे पोटाशियम गोरा को बेचे थे। गोरा ने पूछताछ में यह तो कबूल लिया था कि उसने लुधियाना के व्यापारी से उक्त चाइनीज पटाखे खरीदे थे लेकिन उसने उक्त व्यक्ति का नाम-पता होने से मना कर दिया। बता दें कि चाइनीज पटाखों को इसलिए बैन किया गया था क्योंकि उसमें इस्तेमाल होने वाला बारूद काफी घातक होता है जबकि उससे प्रदूषण भी अन्य पटाखों से कहीं ज्यादा होता है। चाइनीज पटाखे हर साल की तरह इस दीवाली पर भी बिके लेकिन अगर यह धमाका न होता तो चाइनीज पटाखों की इतनी बड़ी खेप रिहायशी इलाके में डम्प किए जाने का भी पता नहीं लगता।
पोटाशियम का इस्तेमाल किसी वारदात को अंजाम देने में भी किया जा सकता है। हालांकि इस केस में ऐसा कुछ सामने नहीं आया है, लेकिन पोटाशियम के 50 बोरे लुधियाना से जालंधर में दाखिल हुए और 2 बार जालंधर में उनकी जगह बदली गई। शहर के भीतर से पटाखों की लोकेशन बदली गई, लेकिन उसके बावजूद पुलिस उक्त पटाखों के जखीरे को नहीं पकड़ पाई। साफ है कि पुलिस की चैकिंग व सर्च अभियान मात्र फोटो सैशन तक ही सीमित हो चुका है। गनीमत है कि इस हादसे में किसी भी प्रकार का जानी नुक्सान नहीं हुआ। अगर एन.आर.आई. के इस खाली प्लाट के आसपास धमाके वाले समय स्थानीय लोग खड़े होते तो तस्वीर काफी दर्दनाक होती।
उधर डी.सी.पी. इनवैस्टीगेशन गुरमीत सिंह का कहना है कि चाइनीज पटाखों को बैन किया हुआ है, लेकिन इसे बेचने वाले कौन हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। हालांकि थाना एक के प्रभारी सुखबीर सिंह ने कहा कि इस केस में गिरफ्तार किए गए गुरदीप सिंह उर्फ गोरा को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। फिलहाल गोरा यही कह रहा है कि उसने जिस लुधियाना के कारोबारी से उक्त चाइनीज पटाखे खरीदे, उसके बारे में वह कुछ नहीं जानता। वहीं गुरदीप उर्फ गोरा के साथ नामजद किए गए खाली प्लाट के केयर टेकर हरजिंद्र सिंह जिंदी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापामारी कर रही है।
धमाके के दौरान लोगों के घरों, दुकानों व गाड़ियों को भारी क्षति पहुंची थी, जिसकी भरपाई के लिए फिलहाल प्रशासन ने कोई राहत राशि देने की घोषणा नहीं की है। लोगों का इस धमाके में लाखों रुपए का नुक्सान हुआ। हालांकि सी.पी. गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने सोमवार को एक प्रैस कांफ्रैंस में भरोसा दिया था कि वह लोगों के नुक्सान की भरपाई के लिए डी.सी. वरिंद्र कुमार शर्मा से बात करेंगे जबकि आरोपियों के खिलाफ डैमेज टू पब्लिक प्रापर्टी एक्ट के अधीन भी केस दर्ज किया जाएगा।
