कमलनाथ कहाँ है तेरी गौशाला

*नेता जी कहां हो, बेमौत मर रही तुम्हारी गौमातायें*

चाहे शिवराज सरकार हो या कमलनाथ गौमाता फुटबाल की तरह हो गई हैं दोनों दलों द्वारा इसका, राजनीति के लिए भरपूर उपयोग किया जा रहा है। जब बात राजनीति की आती है तो गौ माता के नाम पर नेताजी बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और अपने आप को बड़ा गौ भक्त बताते हैं और जब राजनीति का बुखार कम पड़ जाता है तो उसे सड़कों पर बेमौत मरने के लिए छोड़ दिया जाता है प्रदेश के हर कोने में गौमाता के ऊपर अत्याचार हो रहा है ना अधिकारी और ना नकली गौ भक्त ध्यान दे रहे हैं अगर ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब गोवंश को विलुप्त और दुर्लभ प्राणियों के रूप में याद किया जाएगा।
नरसिंहपुर जिला जहां हर जगह चौराहों पर सड़कों पर गोवंश के झुंडों को देखा जा सकता है राष्ट्रीय राजमार्ग में इतनी दुर्घटनाएं हो रही हैं और गोवंश बेमौत मर रही हैं लेकिन मजाल है कि कोई गौ भक्त या कोई संगठन सड़कों पर आंदोलन कर इनकी दुर्दशा को सुधार दें आज देश के युवा को गौ दूध से इतना लगाव नहीं है जितना उन्हें अंगूर के सड़े हुए पानी से हैं जिसके लिए वह गौ माता को तो छोड़िये, अपने मां बाप को भी मारने से पीछे नहीं होते।
नरसिंहपुर से छिंडवाडा रोड पर किसी वाहन ने बड़ी ही बेरहमी से गौवंशो को कुचल कर मार डाला है जो बड़ा ही दुखदायी और वीभत्स दृश्य है जिसे देखकर किसी का ही दिल पसीज जाये, पर जिम्मेदारों के कान में जूं तक नहीं रेंगती।
अगर गौमाता की ऐसी ही दुर्दशा होती रही तो देश को बर्बाद होने से कोई नहीं रोक सकता
