उत्कृष्ट सेवाओं के लिये सम्मानित व्यक्ति इतिहास बनाता है : राज्यपाल

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भोपाल, 16 अगस्त। राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा है कि उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित व्यक्ति इतिहास का निर्माण करता है क्योंकि उसका सम्मान देश और समाज की समर्पित सेवा के लिए होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सम्मानित पुलिस अधिकारियों के नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज होंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मिले पदक उनकी योग्यता का प्रमाण हैं। कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की उपलब्धि हैं, उनके शौर्य का प्रतीक हैं। श्री टंडन ने कहा कि यह विशिष्ट उपलब्धि आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगी। राज्यपाल श्री टंडन ने आज राजभवन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित पुलिस अधिकारियों से भेंट के दौरान यह बात कही।
राज्यपाल टंडन ने कहा कि वर्दी का सम्मान, समाज और देश का सम्मान है। यह वर्दी जनता की सुरक्षा का प्रतीक है। लोगों में गौरव की भावना जगाती है। हम सब देशवासी इसके साये में सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात वर्दीधारी जवान प्रतिकूल परिस्थितियों में भी दुश्मनों से मोर्चा लेते हुए अपने जीवन का बलिदान तक कर देते हैं। आंतरिक सुरक्षा में वर्दी हमारी रक्षा करती है। प्राकृतिक आपदाओं के समय भी प्राण रक्षक बन जाती है। समर्पित भाव से राहत और बचाव के कार्य करती है। राज्यपाल ने कहा कि हम सब को इसका अहसास और गौरव होना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि पुलिस का कार्य अत्यंत संवेदनशील है। पुलिस ही अपराधियों से हमारी रक्षा करती है। दुर्जनों को दंडित भी करवाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में भी इसी उत्कृष्टता के साथ कार्य करेंगे और अपने अधीनस्थों को भी प्रेरित करेंगे, उनका मार्गदर्शन करेंगे। राज्यपाल ने पदक विजेता अधिकारियों और उनके परिजनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस महानिदेशक श्री वी.के. सिंह ने पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को सर्वाच्च प्राथमिकता दी गई है। छिंदवाड़ा में महिला बटालियन का प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया गया है। महिला अपराधों के प्रकरणों में दंड का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है।
विशेष पुलिस महानिदेशक विजय यादव ने बताया कि राज्य पुलिस बल ने प्रदेश की शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने के साथ ही राष्ट्रीय आवश्यकताओं में भी सहयोग किया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने वर्ष 1961 और 1965 के युद्ध एवं सीमावर्ती राज्यों केरल आदि की सुरक्षा व्यवस्था में भी सहयोग किया है।
राज्यपाल ने सम्मानित अधिकारियों से वन-टू-वन परिचय प्राप्त किया। इस अवसर पर जेल महानिरीक्षक श्री संजय चौधरी तथा पुलिस पदक विजेता अधिकारी और उनके परिजन उपस्थित थे।

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